पाइप अर्थिंग: संक्षिप्त विवरण(Pipe earthing)
पाइप अर्थिंग: संक्षिप्त विवरण
पाइप अर्थिंग विद्युत प्रणाली को ग्राउंडिंग देने का एक सामान्य तरीका है। इसमें गैल्वेनाइज्ड आयरन (GI) या कॉपर पाइप को एक गड्ढे में खड़ा करके लगाया जाता है और इसे नमक, कोयला और मिट्टी से भरा जाता है ताकि फॉल्ट करंट को आसानी से पृथ्वी में प्रवाहित किया जा सके।
इंस्टॉलेशन प्रक्रिया (गड्ढा खोदना और सेटअप करना)
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गड्ढा खोदना:
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लगभग 2.5 से 3 मीटर (8 से 10 फीट) गहरा और 30 सेमी (1 फुट) चौड़ा गड्ढा खोदा जाता है।
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पाइप डालना:
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GI या कॉपर पाइप (कम से कम 38mm व्यास, 2-3 मीटर लंबाई) को गड्ढे में ऊर्ध्वाधर (वर्टिकली) रखा जाता है।
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पाइप में छोटे छेद (परफोरेशन) होते हैं ताकि नमी सोखने में मदद मिले।
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नमक और कोयले की परतें भरना:
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गड्ढे में नमक और कोयले की परतें डालकर भरा जाता है, जिससे मिट्टी की चालकता (कंडक्टिविटी) बढ़ती है।
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यह मिश्रण फॉल्ट करंट को आसानी से प्रवाहित करने में मदद करता है।
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इलेक्ट्रिकल कनेक्शन जोड़ना:
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अर्थिंग पाइप को विद्युत प्रणाली से जोड़ने के लिए GI स्ट्रिप या कॉपर वायर का उपयोग किया जाता है।
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पाइप के शीर्ष पर एक फ़नल और पानी डालने की व्यवस्था होती है ताकि मिट्टी की नमी बनी रहे और प्रतिरोध कम हो।
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गड्ढे को ढकना:
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सभी कनेक्शन सुनिश्चित करने के बाद, गड्ढे को मिट्टी से ढक दिया जाता है।
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पाइप अर्थिंग का चित्र
अलग-अलग स्थानों पर प्रतिरोध (रेसिस्टेंस) मान
पाइप अर्थिंग प्रणाली का प्रतिरोध मिट्टी के प्रकार, नमी की मात्रा और गहराई पर निर्भर करता है। विभिन्न स्थानों पर औसत रेसिस्टेंस मान निम्नलिखित हैं:
| मिट्टी का प्रकार | औसत प्रतिरोध (Ω) |
|---|---|
| गीली/चिकनी मिट्टी | 0.5 – 5 Ω |
| नम मिट्टी | 5 – 10 Ω |
| सूखी/रेतीली मिट्टी | 10 – 25 Ω |
| पथरीली भूमि | 25 Ω से अधिक |
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गीली और चिकनी मिट्टी में प्रतिरोध कम होता है।
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सूखी और पथरीली भूमि में प्रतिरोध अधिक होता है।
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पानी, नमक और कोयला डालने से सूखी जमीन में प्रतिरोध को कम किया जा सकता है।

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